
ईरान-अमेरिका युद्ध : पेट्रोल-डीजल के साथ बढ़ेगी महंगाई
ईरान पर अमेरिका और इजराइल के समन्वित हमलों के बाद पश्चिम एशिया में जंग छिड़ गई है। इससे कच्चे तेल के दामों में 7 से 8 प्रतिशत की बढोत्तरी हुई है। इससे भारत में भी पेट्रोल-डीजल के साथ अन्य वस्तुओं के दाम बढ़ेंगे।

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ईरान पर अमेरिका और इजराइल ने समन्वित हमला कर रखा है। इससे कच्चे तेल की कीमतें 7.6 प्रतिशत बढ़कर 72.12 डॉलर प्रति बैरल हो गईं, जबकि अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 8.6 प्रतिशत बढ़कर 79.11 डॉलर प्रति बैरल हो गईं। यूरोप में प्राकृतिक गैस वायदा की कीमतों में 40 प्रतिशत से अधिक की उछाल आई है। ऐसे में ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में हमले लंबे समय तक जारी रहे तो कच्चे तेल और पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आगे और बढ़ोतरी हो सकती है। कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने का सबसे बड़ा कारण युद्ध ही है क्योंकि वैश्विक आपूर्ति का करीब 20 प्रतिशत कच्चा तेल होर्मुज जलडमरुमध्य से होकर गुजरता है। यह तेल मार्ग विश्व का सबसे अहम चोकपॉइंट (संकरा रणनीतिक मार्ग) माना जाता है। होर्मुज जलडमरुमध्य के उत्तर में ईरान स्थित है, जबकि इस रास्ते से सऊदी अरब, कुवैत, इराक, कतर, बहरीन, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और ईरान का तेल एवं गैस निर्यात होता है। ईरान ने फरवरी के मध्य में सैन्य अभ्यास का हवाला देते हुए जलडमरूमध्य के कुछ हिस्सों को अस्थायी रूप से बंद किया था। उसके बाद तेल कीमतों में लगभग छह प्रतिशत की तेजी आई थी। इस बीच, तेल उत्पादक देशों के समूह 'ओपेक प्लस' के आठ सदस्यों ने रविवार को तेल उत्पादन बढ़ाने की घोषणा की। पेट्रोलियम निर्यातक देशों के संगठन (ओपेक) ने कहा कि वह अप्रैल में प्रतिदिन 2,06,000 बैरल उत्पादन बढ़ाने जा रहा है। उत्पादन बढ़ाने वाले देशों में सऊदी अरब, रूस, इराक, यूएई, कुवैत, कजाखस्तान, अल्जीरिया और ओमान शामिल हैं।
महंगाई की पड़ेगी मार
दरअसल कच्चे तेल के दाम बढ़ने से इसका सीधा असर पेट्रोल-डीजल पर पड़ेगा। इससे परिवहन, आयात-निर्यात की लागत बढ़ जाएगी। इसके चलते इसका सीधा असर खुदरा बाजार और उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। यानि अगर ईरान-अमेरिका युद्ध लंबा चला तो महंगाई की मार सभी को सहनी होगी।
प्रशासन ने फंसे लोगों की मांगी सूची
मिडिल-ईस्ट क्षेत्र में वर्तमान में उत्पन्न युद्ध एवं सुरक्षा संबंधी परिस्थितियों के दृष्टिगत जिलाधिकारियों ने नागरिकों का विवरण संकलित करने की कवायद शुरू की है। प्रशासन ने लोगों से कहा हैकि ईरान, संयुक्त अरब अमीरात, ओमान, सऊदी अरब, कुवैत, इराक, इजरायल, कतर अथवा अन्य मिडिल-ईस्ट देशों में निवासरत, कार्यरत, अध्ययनरत, यात्रा पर गए हुए। अस्थायी रूप से ठहरे हुए अथवा किसी कारणवश वहां फंसे हुए लोगों की सूची परिजन प्रशासन को उपलब्ध कराएं। साथ ही हाल ही में उक्त देशों से भारत लौटे नागरिकों का विवरण भी अपेक्षित है। इस पहल का उद्देश्य संभावित आपात परिस्थितियों में प्रभावित नागरिकों से त्वरित संपर्क स्थापित करना, आवश्यक समन्वय सुनिश्चित करना तथा समयबद्ध सहायता उपलब्ध कराना है।
भारतीयों को लेने जाएंगे विशेष विमान
पश्चिम एशिया में जारी संकट के बीच फंसे भारत वासियों को वहां से निकालने की कवायद शुरू हो गयी है। निजी विमान सेवा कंपनी इंडिगो मंगलवार को 10 विशेष उड़ानों का परिचालन शुरू करेगी जबकि एयर इंडिया एक्सप्रेस ने मस्कट के लिए नियमित उड़ानें शुरू करने की घोषणा की है। इस बीच, एयर इंडिया ने 03 मार्च की आधी रात तक पश्चिम एशिया के लिए अपनी सभी उड़ानें रद्द रखने की बात कही है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने सोमवार को बताया कि इंडिगो ने सऊदी अरब के शहर जेद्दा से 03 मार्च को 10 विशेष उड़ानों के परिचालन की योजना बनायी है, हालांकि इन उड़ानों को अभी नियामकीय मंजूरी मिलनी शेष हैं। एयरलाइन जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास से लगातार संपर्क में है।

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