
अमेरिका-ईरान युद्ध रुका, सीजफायर का भारत में क्या पड़ेगा असर
अमेरिका-ईरान युद्ध बुधवार में 40वें दिन सीजफायर हो गया। इसकी मियाद अभी 15 दिन है। सीजफायर का भारत में क्या असर होगा, हमें कितनी राहत मिलेगी इस पर बात करेंगे।

हमार दुनिया
अमेरिका-ईरान युद्ध सीजफयर पूरी दुनिया के लिए फायदेमंद है। इसका भारत पर सीधा असर देखने को मिलेगा। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार देर रात ईरान पर बड़े हमलों की अपनी धमकी से पीछे हटते हुए तनाव कम करने का रुख दिखाया। उन्होंने तेहरान को समझौते के लिए दी गई तय समयसीमा खत्म होने से लगभग दो घंटे पहले यह निर्णय लिया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान दो सप्ताह के संघर्षविराम पर सहमत हो गए हैं, लिहाजा वह ईरान के पुलों और बिजली संयंत्रों पर हमले की अपनी योजना फिलहाल टाल रहे हैं। इस संघर्ष विराम में होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना भी शामिल है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने कहा कि उसने संघर्षविराम को स्वीकार कर लिया है और वह शुक्रवार से पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिका से बातचीत करेगा। इधर इजरायल ने ईरान पर हमलों को रोकने के लिए ट्रम्प के निर्णय का समर्थन किया। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बुधवार कहा कि वह ईरान के खिलाफ हमलों को दो सप्ताह के लिए रोकने के अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के फैसले का समर्थन करते हैं लेकिन इस सीजफायर में लेबनान की लड़ाई शामिल नहीं है। प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया 'एक्स' पर एक बयान में यह बात कही।
युद्ध रुकने से भारत में समाप्त होगी गैस की किल्लत
अमेरिका-ईरान युद्ध रुका है तो इससे ईरान जलडमरूमध्य खोलेगा। इससे भारत एलपीजी गैस की समस्या समाप्त होगी। चूंकि सीजफायद होते ही कच्चे तेल के दाम गिर गए। भारतीय रुपया मजबूत हो गया। शेयर बाजार में बूम आ गई। ऊर्जा संकट समाप्त होने से आयात-निर्यात सामान्य हो जाएगा। साथ ही एलपीजी का संकट खत्म होने से खाद्य पदार्थों के दाम में कमी आएगी। यानि युद्ध विराम का भारत में सीधा असर देखने को मिल रहा है।
चीन ने की मध्यस्थता, पाकिस्तान में होगी बैठक
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इस युद्ध विराम को रोकने में चीन ने मध्यस्थता की और अब टेबल पर बात होगी। ईरानी सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा कि तेहरान शुक्रवार को इस्लामाबाद में अमेरिका के साथ बातचीत शुरू करेगा।

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