
ईरान-अमेरिका युद्ध विराम:सच में ऐसी सोच के साथ रुकेगा युद्ध
ईरान-अमेरिका युद्ध में सीजफायर समाप्त होते ही अमेरिका ने पाकिस्तान का हवाला दे पुन: सीजफायर बढ़ाया। ईरान साफ इंकार कर रहा, तो क्या सच में ऐसे युद्ध रुकेगा।

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ईरान-अमेरिका युद्ध में सीजफायर के बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मध्यस्थ देश पाकिस्तान के अनुरोध पर ईरान के साथ युद्धविराम को अनिश्चितकाल के लिए बढ़ा दिया है। ट्रंप ने कहा कि यह कदम तेहरान के आंतरिक मतभेदों से जूझ रहे नेतृत्व को सात सप्ताह से जारी युद्ध समाप्त करने के लिए एक प्रस्ताव तैयार करने का समय देने के उद्देश्य से उठाया गया है। यह घोषणा तब की गई है, जब 8 अप्रैल को घोषित दो सप्ताह का युद्धविराम समाप्त होने वाला था। इसके साथ ही उपराष्ट्रपति जेडी वेंस के नेतृत्व वाले अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल की इस्लामाबाद यात्रा भी प्रभावी रूप से टल गई, जहां ईरानी प्रतिनिधियों के साथ शांति वार्ता प्रस्तावित थी। हालांकि, ट्रंप ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिका ईरान पर अपने हमले को तब तक रोकेगा, जब तक उसके नेता और प्रतिनिधि समेकित प्रस्ताव तैयार नहीं कर लेते। कहा कि ईरान के बंदरगाहों पर आर्थिक नाकेबंदी जारी रहेगी। वेंस और अमेरिका के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ तथा जेरेड कुशनर को मंगलवार को इस्लामाबाद रवाना होना था, लेकिन यात्रा मंगलवार को नहीं हुई।
ईरान बोला ट्रंप एकतरफा सीजफायर बढ़ा रहे
ईरान-अमेरिका युद्ध में सीजफायर बढ़ाने को ईरान ने एकतरफा करार दिया। कहा अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्धविराम को एकतरफा बढ़ा रहे हैं। विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान ने धमकियों के साए में युद्धविराम विस्तार या नई बातचीत की कोई गुजारिश नहीं की है। अराघची ने ईरानी बंदरगाहों की जारी अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी की निंदा करते हुए इसे युद्ध की कार्रवाई और मौजूदा युद्धविराम सिद्धांतों का उल्लंघन करार दिया। उन्होंने कहा, ईरान जानता है कि दबंगई का मुकाबला कैसे करना है। ईरानी संसद के अध्यक्ष बगर गालिबाफ के वरिष्ठ सलाहकार महदी मोहम्मदी ने युद्धविराम विस्तार को खारिज करते हुए कहा कि ईरान के नजरिये से इसका कोई मतलब नहीं है और इसकी कोई वास्तविक अहमियत नहीं है। उन्होंने इस कदम को अचानक हमले के लिए वक्त हासिल करने की रणनीति बताया और दलील दी कि जो पक्ष इस तरह के दबाव का सामना कर रहा हो, वह शर्तें तय नहीं कर सकता। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत आमिर सईद इरावानी ने इस बात पर जोर दिया कि इस्लामाबाद में किसी भी औपचारिक शांति वार्ता में शामिल होने के लिए नौसैनिक नाकेबंदी को खत्म करना ईरान की अनिवार्य शर्त है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) से जुड़ी ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी मेहर (एमएनए) ने कहा कि ईरान ने युद्धविराम बढ़ाने की मांग नहीं की है। एजेंसी ने ताकत के दम पर अमेरिकी नाकेबंदी को तोड़ने की धमकियों को फिर दोहराया। युद्धविराम विस्तार की यह घोषणा युद्ध में हुए कई बड़े घटनाक्रमों के बाद हुई है।
पाकिस्तान खुद की थपथपा रहा पीठ
ईरान-अमेरिका युद्ध में सीजफायर को लेकर पाकिस्तान खुद अपनी पीठ थपथपा रहा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ईरान के साथ युद्धविराम बढ़ाने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बुधवार को आभार व्यक्त कर दिया। और उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष संघर्ष को समाप्त करने के लिए एक व्यापक शांति समझौते पर पहुंचने में सक्षम होंगे। जबकि समझना होगा कि पाकिस्तान ने वार्ता के अगले दौर की मेजबानी करने की योजना बनाई थी, लेकिन ईरान द्वारा बातचीत फिर से शुरू करने के प्रयासों को ठुकरा दिया गया। उधर अमेरिका से भी बातचीत के ले लिए अमेरिका के उप राष्ट्रपति जेडी वेंस की इस्लामाबाद यात्रा भी रद्द कर दी गई। यानि ईरान पाकिस्तान की बात नहीं मान रहा। वहीं अमेरिका पाकिस्तान का उपयोग सिर्फ संदेशवाहक की तरह कर रहा है। ऐसे में इस युद्ध में विराम लगे ऐसी संभावनाएं कम नजर आती हैं।
पाकिस्तान ने अमेरिका को दिया धन्यवाद
ईरान-अमेरिका युद्ध में पुन: सीजफायर को लेकर पाकिस्तान ने अमेरिका को धन्यवाद दिया। ट्रंप द्वारा युद्धविराम बढ़ाने की घोषणा के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शरीफ ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में अमेरिकी राष्ट्रपति को धन्यवाद दिया। शरीफ ने कहा, 'मैं अपनी और फील्ड मार्शल सैयद आसिम मुनीर की ओर से राष्ट्रपति ट्रंप को युद्धविराम बढ़ाने के हमारे अनुरोध को सहर्ष स्वीकार करने के लिए हार्दिक धन्यवाद देता हूं..। गौरतलब है कि युद्धविराम 22 अप्रैल को सुबह 4:50 बजे से समाप्त होना था।

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