
बजट लुभावना नहीं पर विनिर्माण क्षेत्र होगा मजबूत
रविवार को संसद में प्रस्तुत बजट 2026-27 में सरकार ने आयकर छूट जैसी लोक-लुभावन घोषणाओं की बजाय विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत बनाने और क्षमता सृजन को प्राथमिकता देते हुए अपने कदमों को राजकोषीय मजबूती की राह पर दृढ़ता देने वाला बजट प्रस्तुत किया है। इस बजट से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे जिसका फायदा सीधे तौर पर युवाओं को मिलेगा।

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Finance Minister Nirmala Sitharaman) ने रविवार को अपना 9वां बजट संसद में पेश किया। बजट में आर्थिक वृद्धि को बनाये रखने के लिए बायो फार्मा, दुर्लभ खनिज, सेमीकंडक्टर, एमएसएमई, कपड़ा, रसायन और कंटेनर के घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने की कई पहलुओं की घोषणा की गई। देश की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए बजट में रक्षा क्षेत्र के लिए आवंटन में 15 प्रतिशत की उल्लेखनीय वृद्धि की गयी है। बजट में रक्षा आवंटन 10 प्रतिशत से बढ़ाकर 11 प्रतिशत कर दिया गया है। रेलवे में 2.93 लाख करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का प्रस्ताव है जो एक रिकॉर्ड है। पारंपरिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए तीन नये अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थानों की स्थापना करने की घोषणा की गयी है। खादी को बढ़ावा देने के लिए महात्मा गांधी ग्राम स्वरोजगार योजना शुरू करने का प्रस्ताव है। उच्च कीमत वाली फसलों और बागवानी को प्रोत्साहन देने के लिए नयी पहल की गयी है।
53,47,315 करोड़ का पेश किया बजट
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने (indian budget) रविवार को जो बजट पेश किया। यह बजट वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 53,47,315 करोड़ रुपये है। इसमें विनिर्माण, आर्थिक और सामाजिक अवसंरचना विकास के लिए 17,14,523 करोड़ रुपये के पूंजीगत व्यय का लक्ष्य रखा गया है इसमें बजट से 12,21,821 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पिछले वित्त वर्ष में पूंजी व्यय के लिए 11,21,090 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था जिसे संशोधित अनुमान में 10,95,755 करोड़ रुपये कर दिया गया है।
393 लाख कराेड़ रुपये जीडीपी का अनुमान
2026-27 के लिए वर्तमान कीमत पर सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 393 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है जो 2025-26 के 357 लाख करोड़ रुपये के अग्रिम अनुमान की तुलना में 10 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। उद्योगों को न्यूनतम वैकल्पिक आयकर (मैट) में क्रेडिट संचय की छूट खत्म करने के साथ इसकी दर को 15 प्रतिशत से घटाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया है।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 घंटा 25 मिनट दिया भाषण
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक घंटे 25 मिनट के अपने भाषण में बजट में पूंजीगत व्यय बढ़ाने के बावजूद राजकोषीय घाटे को सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 4.3 प्रतिशत तक सीमित रखने का लक्ष्य रखा है। चालू वित्त वर्ष में राजकोषीय घाटा बजट अनुमान के 4.5 प्रतिशत की तुलना में 4.4 प्रतिशत रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बोले बजट भारत की ऊंची उड़ान का आधार
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बजट को विकसित भारत की ऊंची उड़ान का आधार बताते हुए कहा है कि इसमें मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत अभियान को नयी रफ्तार देने के लिए महत्वाकांक्षी रोडमैप प्रस्तुत किया गया है। यह बजट महत्वाकांक्षी भी है और देश की आकांक्षाओं को भी पूरा करता है। सरकार द्वारा किये जा रहे विभिन्न सुधारों का उल्लेख करते हुए कहा कि अभी भारत जिस रिफार्म एक्सप्रेस पर सवार है इस बजट से उसे नयी ऊर्जा और नयी गति मिलेगी।
विपक्ष बोला, जमीनी हकीकत से कोसों दूर है बजट
विपक्ष ने बजट को जमीनी हकीकत से कोसों दूर कहकर इसकी आलोचना की है। कहा है कि इसमें बुनियादी समस्याओं और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के उपाय नहीं हैं और सामाजिक कल्याण की अनदेखी की गयी है।
बाजार को रास नहीं आया बजट
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का नौवां बजट बाजार को रास नहीं आया। उनका बजट भाषण खत्म होने के तुरंत बाद बीएसई का सेंसेक्स तेजी से लुढ़कते हुए 2,370 अंक गिर गया था। अंत में यह गिरावट 1,547 अंक रही। आईटी सूचकांक के अलावा करीब-करीब सभी वर्गों के सूचकांक लाल निशान में रहे।

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