
अमेरिका-ईरान वॉर : 'जानवर' के जवाब में ईरान ने दिखाई मिसाइल
अमेरिका-ईरान वॉर दिनों दिन बढ़ रही है। जंग के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 'जानवर' कहा, तो जवाब में ईरान ने उन्हें मिसाइल दिखाकर तंज कसा।

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अमेरिका-ईरान वॉर अब छठे हफ्ते में पहुंच गई है और हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं। जंग के बीच अमेरिका और इजराइल जहां ईरान पर हमला कर रहे हैं वहीं ईरान भी लगातार पलटवार कर रहा है। इधर अमेरिका और ईरान के बीच जुबानी जंग भी चल रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार गत दिवस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के बी-1 पुल को उड़ाने को सही बताते हुए ईरान को 'जानवर' कहकर संबोधित किया। इसके जवाब में ईरान ने ट्रंप पर तंज कसते हुए एक पोस्टर जारी किया। पोस्टर में दिखाया गया कि एक चेयर पर ईरान की मिसाइलें रखी हैं बीच में एक मेज है दूसरे छोर पर गुस्से में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप बैठे है। कहा गया कि ट्रंप सिर्फ मिसाइल की भाषा समझते है। यानि ईरान किसी भी तरह से झुक नहीं रहा है और बराबर पलटवार कर रहा है।
ट्रंप की चेतावनी : 4 घंटे में ईरान को कर देंगे तबाह
अमेरिका-ईरान वॉर के दरमियान डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को नया अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तय समय तक नहीं खोला गया, तो अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा। उन्होंने तो यहां तक कहा कि वह सिर्फ 4 घंटे में युद्ध समाप्त कर देंगे। यानि चार घंटे में ईरान को तबाह कर देंगे। साथ ही उन्होंने ईरान के बिजली घरों और अहम ढांचे पर हमले करने की भी चेतावनी दी है। इसके जवाब में ईरान ने साफ कर दिया है कि जब तक उसे युद्ध में हुए नुकसान का मुआवजा नहीं मिलता, तब तक होर्मुज नहीं खोला जाएगा। इससे युद्ध में समझौते के आसार नजर नहीं आ रहे।
युद्ध से बढ़ेगा घोर ऊर्जा संकट
अमेरिका-ईरान वॉर के चलते होर्मुज जलडमरूम में ईरान की नाकेबंदी है। इसका यूं तो पूरी दुनिया में असर पड़ रहा है लेकिन सर्वाधिक प्रभाव एशिया के देशों में देखने को मिल रहा है। अगर यह युद्ध जल्द ही नहीं रुका तो ऊर्जा का घोर संकट पैदा हो जाएगा। जो शायद 1973 से भी ज्यादा भयावह हो। इसके संकेत अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (आईईए) के कार्यकारी निदेशक फतिह बिरोल ने दिए हैं। उन्होंने कहा है कि वर्तमान स्थिति को 1970 के दशक के दोनों तेल संकटों (1973 और 1979) और रूस-यूक्रेन युद्ध (2022) के संयुक्त प्रभाव से भी अधिक गंभीर है। कहा इस महासंकट की सबसे भारी कीमत विकासशील देशों को चुकानी होगी। महंगे तेल और गैस के कारण न केवल परिवहन महंगा होगा, बल्कि खाद्य पदार्थों की कीमतों में भारी उछाल और मुद्रास्फीति में तेजी आएगी, जिसका सीधा असर आम आदमी की रसोई और घरेलू बजट पर पड़ेगा। इसके अलावा यूरोप, जापान और ऑस्ट्रेलिया भी इससे प्रभावित होंगे।
अमेरिका-ईरान युद्ध का ताजा अपडेट: ट्रंप ने दिए डेडलाइन बदलने के संकेत
अमेरिका-ईरान वॉर में ताजा अपडेट आया है। एक बार फिर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले की डेडलाइन आगे बढ़ाने के संकेत दिए हैं। ट्रंप ने कहा, 'अगर आज बातचीत आगे बढ़ती है और कोई ठोस नतीजा निकलता है, तो समय सीमा बदली जा सकती है। वहीं मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की राजधानी तेहरान में आवासीय क्षेत्रों पर हमला हुआ है।

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