
एसआईआर : यूपी में 18 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटे
एसआईआर के बाद मंगलवार को नई सूची का प्रकाशन हुआ। इसमें उत्तर प्रदेश के 2.89 करोड़ मतदाताओं के नाम पूर्व सूची की आपेक्षा कम हुए हैं। जो करीब 18 प्रतिशत हैं। इसमें ऐसे मृत मतदाता, अनुपस्थित मतदाता, डुप्लीकेट (दोहरे) मतदाताओं के साथ अन्य मतदाता शामिल हैं।

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एसआईआर के तहत जारी की गई नई सूची में 2 करोड़ 89 लाख नाम हट गये हैं जो नाम हटे हैं वह पुरानी सूची से 18 फीसदी से अधिक हैं। हालांकि इसके लिए अभी आयोग में आपत्ति दर्ज कराकर सूची में नाम जुड़वाए जा सकते हैं। राज्य में चुनाव आयोग की ओर से एसआईआर के लिए आधार बनाई गई पिछली मतदाता सूची में कुल मतदाताओं की संख्या 15.44 करोड़ थी जो आज जारी नयी सूची में 12.56 करोड़ रह गई है। मृत्यु, अनुपस्थिति, राज्य से स्थायी रूप से बाहर जाने या एक से अधिक जगह पंजीकृत पाये जाने के कारण लगभग 18.70 प्रतिशत नाम सूची से बाहर हो गये हैं। उत्तर प्रदेश के मुख्य मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने मंगलवार को सूची का मसौदा जारी कर जानकारी दी ।
पुरानी सूची में थे 15.44 करोड़ मतदाता
आयोग की पुरानी सूची में उत्तर प्रदेश में 15 करोड़ 44 लाख 30 हजार 92 मतदाता पंजीकृत थे। एसआईआर के लिए मतदाता गणना फार्म जमा करने की अवधि बढ़ाये जाने के बाद भी पिछली सूची में दर्ज मतदाताओं में से 12 करोड़ 55 लाख 56 हजार 25 के गणना-प्रपत्र प्राप्त हुए, जो पिछली सूची के कुल मतदाताओं का 81.30 प्रतिशत है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने जानकारी दी 4 नवंबर 2025 से शुरू किये गये गणना चरण शुरू होकर 26 दिसंबर 2025 तक 12 करोड़ 55 लाख (81.30 प्रतिशत) मतदाताओं के गणना-प्रपत्र प्राप्त हुए। बताया कि बूथ स्तरीय अधिकारियों के घर-घर जा कर पुनरीक्षण किये जाने की प्रक्रिया में 46,23,796 (2.99 प्रतिशत) मतदाता मृत पाए गए और 79,52,190 मतदाताओं का कोई पता नहीं चला। इसके अलावा 1,29,77,472 मतदाता अन्यत्र जा चुके हैं तथा 25.47 लाख मतदाता ऐसे चिह्नित किए गए, जिनके नाम सूची में एक से अधिक स्थानों पर दर्ज थे।
6 फरवरी तक दाखिल होंगी आपत्तियां
एसआईआर के तय कार्यक्रम के तहत 6 जनवरी से 6 फरवरी-2026 तक सूची पर दावे एवं आपत्तियां दाखिल की जा सकेंगी। यदि किसी वैध मतदाता का नाम आज जारी नयी सूची में नहीं है तो वह फॉर्म-6, 6 क, 7 एवं 8 के माध्यम से नाम जोड़ने, उसमें संशोधन कराने का दावा या किसी नाम को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकता है। जिन मतदाताओं की पहचान नहीं लग सकी है उन्हें बीएलओ के माध्यम से इस दौरान नोटिस भेजे जाएंगे। ऐसे मतदाता इस अवधि में अपने माता-पिता के नाम सहित अपना विवरण सही करवा सकते हैं। इस दौरान अब तक नये मतदाताओं के पंजीकरण के लिए 15 लाख 78 हजार 423 फॉर्म-6 प्राप्त हुए हैं।
अखिलेश यादव के गढ़ से 2.33 लाख मतदाता कटे
समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव के गढ़ इटावा में में 2.33 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम कटे हैं। इटावा के जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और बीएलओ के साथ बैठक में बताया कि एसआईआर से पहले इटावा जिले में कुल 12 लाख 29 हजार 631 मतदाता दर्ज थे, जबकि नई सूची में यह संख्या घटकर 9 लाख 96 हजार 613 रह गई है। इस तरह 2 लाख 33 हजार 40 मतदाताओं के नाम सूची से काटे गए हैं। प्रशासन के अनुसार यह कटौती सत्यापन के दौरान मृतक, स्थानांतरित और अपात्र पाए गए मतदाताओं के नाम हटाए जाने के कारण हुई है। नई सूची के अनुसार इटावा सदर विधानसभा क्षेत्र में 3 लाख 13 हजार 192 मतदाता पाए गए हैं। जसवंतनगर विधानसभा क्षेत्र में 3 लाख 37 हजार 250 और भरथना सुरक्षित विधानसभा क्षेत्र में 3 लाख 46 हजार 171 मतदाता दर्ज किए गए हैं। वहीं हटाए गए नामों की संख्या इटावा विधानसभा में 1 लाख 5 हजार 610, जसवंतनगर में 61 हजार 455 और भरथना विधानसभा क्षेत्र में 65 हजार 975 बताई गई है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि एसआईआर प्रक्रिया के बाद जिले में मतदान केंद्रों की संख्या बढ़कर 1437 हो गई है। जिलाधिकारी और एडीएम ने राजनीतिक दलों से अपील की कि यदि किसी को मतदाता सूची से संबंधित कोई आपत्ति या दावा हो तो तय समय सीमा के भीतर उसे प्रस्तुत करें। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि पूरी प्रक्रिया चुनाव आयोग के दिशा निर्देशों के अनुसार पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से पूरी की गई है।

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